हरियाणा में 1.40 लाख एकड़ जलभराव वाली जमीन होगी सेम मुक्त, सैटेलाइट से होगी निगरानी
- By Gaurav --
- Saturday, 04 Jul, 2026
Haryana Targets Reclaiming 1.40
हरियाणा सरकार ने कृषि क्षेत्र में बड़े सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाते हुए वर्ष 2026 में 1.40 लाख एकड़ भूमि को सेम (जलभराव) की समस्या से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए पहली बार वैज्ञानिक योजना के तहत सैटेलाइट आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही जिन जिलों में यूरिया की खपत अधिक है, वहां मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण कर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए जागरूक किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सिविल सचिवालय में कृषि विभाग की पांच वर्षीय कार्ययोजना और विजन-2047 रोडमैप की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आधुनिक तकनीक, कम लागत वाली खेती और बेहतर बाजार व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने प्रदेश में 15 लाख सॉयल हेल्थ कार्ड जारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया। पहले चरण में 3.75 लाख मिट्टी के नमूने लिए जाने हैं, जिनमें से अब तक 50,620 नमूने एकत्र किए जा चुके हैं।
बैठक में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। सरकार ने 10 जिलों में जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। इसके तहत हिसार और गुरुग्राम में अलग जैविक मंडियां स्थापित की जाएंगी, जबकि आठ अन्य मंडियों में इनके लिए अलग स्थान निर्धारित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रभावी रणनीति लागू करने के भी निर्देश दिए।